Negative interference stop No Further a Mystery
लौंग से वशीकरण :लड़की हो या स्त्री दौड़ी दौड़ी चली आएगी
उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें।
जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.
सिद्ध हो जाता है तब क्या होता है? यह तो सवाल आपके मन में जरूर होंगे तो चलो इस बारे में बताते हैं।
कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !
जप साधना में असली शुद्ध सामग्री का ही उपयोग करें।
साधना काल में साधक अपने वस्त्र, जूठे बर्तन. आदि स्वयं साफ करें।
मंत्र सिद्ध होने पर क्या होता है : मंत्र से किसी देवी या देवता को साधा जाता है, मंत्र से किसी भूत या पिशाच को भी साधा जाता है और मंत्र से किसी यक्षिणी और यक्ष को भी साधा जाता है। मंत्र जब सिद्ध हो जाता है तो उक्त मंत्र को मात्र तीन बार पढ़ने पर संबंधित मंत्र से जुड़े देवी, देवता या अन्य कोई आपकी मदद के लिए उपस्थित हो जाते हैं।
ऐसे भी कई मंत्र होते हैं जिनमें किसी बाधा को दूर करने की क्षमता होता है तो उन्हें जपने से वे बाधाएं more info दूर हो जाती है। 'मंत्र साधना' भौतिक बाधाओं का आध्यात्मिक उपचार है। यदि आपके जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या या बाधा है तो उस समस्या को मंत्र जप के माध्यम से हल कर सकते हैं।
मंत्र जाप के समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि आपको लगभग सवा घंटे तक लगातार मंत्रों का जाप करना है या फिर आप चाहे तो जब तक सूर्य ग्रहण खत्म नहीं हो जाता तब तक साबर मंत्र का जाप कर सकते हैं.
नियमित और दृढ़ता:- मंत्र की सिद्धि के लिए नियमित और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। प्रत्येक दिन निर्धारित संख्या में मंत्र का जप करें।
ॐ मोसिद्धि गुरुपराय स्वीलिंग। महादेव की आज्ञा।
हर मंत्र की प्रत्येक विधि होती है, उसी का पालन करें।
ताकि वह ग्रहण काल में अपनी मनचाही सिद्धि कर पाए, ग्रहण काल में चाहे वैदिक मंत्र हो या फिर साबर मंत्र हो दोनों की सिद्धि की जा सकती है और दोनों ही मंत्र बड़ी जल्दी सिद्ध हो जाते हैं.